किसानों के लिए New Year पर centre govt. की कर्ज माफी की घोषणा





kisano ke liye new year par centre govt. ki karj mafi ki ghosna


New delhi, 30 दिसंबर 2018 संसद की एक समिति ने सुझाव दिया है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को फसल बीमा योजनाओं की ओर आकर्षित करने के लिए इन योजनाओं में पर्याप्त पूंजी आवंटन की जरूरत है। वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने जैविक खेती करने वाले किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि बीमा योजना के पुनर्गठन की सिफारिश की है। समिति ने साथ ही उल्लेख किया कि सरकार द्वारा चलायी जा रही दोनों फसल बीमा योजनाओं में पारदर्शिता की कमी सहित कई ‘समस्याएं’ हैं। 

समिति ने कहा कि अगर किसानों को खुद को स्थिरता प्रदान करने का मौका दिया जाता है तो कृषि एक टिकाऊ पेशे के रूप में बना रहेगा। इसके लिए जरूरी है कि किसानों को बेहतर बीज मिले। उन्हें सर्वश्रेष्ठ कृषि तकनीक की जानकारी हो और सरकार की ओर से खतरों को कवर करने के लिए समर्थन मिले

प्राकल्लन समिति ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अंतर्गत जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के प्रदर्शन पर अपनी 30वीं riport में कहा है कि टिकाऊ कृषि से जुड़ा राष्ट्रीय मिशन टिकाऊ खेती के लिए पहल करते समय किसानों पर ध्यान देने से ‘चूक’ जाता है। इस योजना में बहु-फसल प्रणाली को भी शामिल किये जाने की अनुशंसा की गयी है। समिति ने 2016  मैं शुरुआत कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कई तरह की समस्यायें गिनाई हैं। इसमें फसल काटने के अनुभवों में होने वाली देरी और उससे जुड़ी समस्यायें बताई गई हैं। 
योजना में पारदर्शिता की कमी भी बताई गई है। इसके साथ ही बीमा दावों के भुगतान में देरी अथवा भुगतान नहीं होना जैसी समस्यायें भी सामने रखी गई हैं। 

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