Sitemap Kya Hai ? Blog Website Ke Liye Sitemap Kaise (banaye) Banate Hai



आखिर ये Sitemap क्या है और Sitemap कैसे बनाये? ये इतना जरुरी क्यूँ है. अगर हम कुछ दसक पहले की बात करें तो हमें ये मालूम चलेगा की पहले Government की वेबसाइट के Main Page में पहले links हुआ करते थे उसी page को “Sitemap” कहते हैं. अबी तक भी कुछ website उसी HTML sitemap का इस्तमाल करते हैं. लेकिन समय के साथ साथ Sitemap में भी काफी बदलाव दिखाई दिया है, आजकल Sitemap को HTML की जगह XML में publish करते हैं क्यूंकि Target Audience अब लोगों की जगह Search Engine बन गए हैं .


अभी हाल ही में ही मुझे किसी ने Sitemap के संधर्भ में कुछ सवाल किये. जैसे की ये Sitemap आकिर है क्या ? ये क्यूँ इतना जरुरी है ? कैसे Sitemap बनाते हैं ? ऐसे बहुत से सवाल. तो मैंने सोचा क्यूँ न आज इसी के बारे में आपको कुछ जानकारी दे दूँ . सभी नए Bloggers जो नए Blog बनाना कहते हैं उन्हें इसके बारे में जरुर पता होना चाहिए. तो आज हम जानेगे की आकिर ये Sitemap क्या है और Sitemap कैसे बनाये, इसकी पूरी जानकरी हिंदी में. तो फिर देरी किस बात की चलिए शुरू करते हैं.

Sitemap क्या है (What is Sitemap in Hindi)

sitemap kya haiआसन भाषा में कहा जाये तो Sitemap simply आपके website के pages का  लिस्ट होता है. चलिए जानते हैं की आकिर Google का इसके बारे  में क्या कहने है . Google के अनुसार Sitemap वो लिस्ट है आपके website या Blog का जिसमे की आपके ब्लॉग के सारे pages को list किया गया होता है, और जिसे Google के search engine खोज नहीं पाते अगर आपने उन्हें उस Sitemap में include नहीं किया तब. Sitemap बनाना और उसे Submit करने से Google को उनके अस्तित्व के बारे में पता चलता है, अन्यथा कभी कभी Google के spider उन pages को crawl नहीं करता.

Sitemap किसी भी Website या Blog के लिए बहुत ही जरुरी है क्यूंकि ये Search Engines को आपके Blog के Pages के बारे में बताता है, ये भी बताता है की आपके Blog में कैसे content हैं और कितने regularly वो update होते हैं. इस जानकारी से Search Engines को मदद मिलती है आपके Content को Search Result में show करने के लिए.

WordPress XML Sitemap क्या है

Sitemap उस Pages की लिस्ट को कहते हैं जिसे की सारे users access कर सकते हैं . XML Sitemap एक ऐसा तरीका है जिससे की Blog Owners, Search Engines को अपने Blog के सभी Pages के बारे में सूचित करते हैं, ताकि वो उन्हें बड़ी आसानी से ढूंड सके. XML Sitemap उन्हें ये भी बताता है की कोन सी links ज्यादा महत्वपूर्ण है कोन से page कितने regularly Update किये जाते हैं. वैसे Sitemap से आपके search ranking को boost तो नहीं मिलती पर हाँ इससे Search Engines आपके website पर अच्छी तरह से crawl कर सकते हैं.

XML Sitemap हमें क्यूँ चाहिए

वैसे देखा जाये तो अगर हम Search engine Optimization के नजरिये से देखें तो किसी भी Website या blog के लिए Sitemap बहुत ही जरुरी है. जैसे की मैंने पहले भी कह दिया है की Sitemap से किसी भी Website की रैंकिंग नहीं बढती पर ये जरुर है की इससे यदि कोई page अगर आपकी indexed नहीं हुई है तो जरुर वो Index हो जाती है . खास तोर पे देखा जाये तो ये नए Blogs or Websites के लिए बहुत ही अच्छा है. ऐसा इसलिए क्यूंकि नए Blogs को आम तोर से उनके individual पोस्ट में ज्यादा Back-links नहीं मिलता जिससे ये search engines के नज़र में नहीं आते. और इससे उन्हें search engines के पक्ष में ढूंड पाना बहुत ही मुस्किल बात है.
अगर हम पुराने Websites की बात करें तो हम ये जान सकते हैं की जैसे उनकी पोस्ट पूरी तरह से indexed हो चुकी है इसलिए search engines बड़ी आसानी से उनमे Crawl करती रहती है. और जैसे जैसे वो अपनी पोस्ट को update करते रहते हैं तो ये बात  search engines को भी पता चलती है जिससे ये उन Website के लिए Crawl Rate fix कर देती हैं. जिससे उन websites की Overall Visibility काफी बढ़ जाती है.

Search Engine Sitemap को कैसे ढूंडता है

Search Engines बहुत ही smart होते हैं Sitemap ढूंडने में . जब भी आप कोइ नयी पोस्ट publish करते हैं तब एक ping उन Search Engines को पहुँच जाती है की जिससे उन  Search Engines  को ये पता चलता है की उस Website के Sitemap में कुछ बदलाव है.

Different Types of Sitemaps

यहाँ हम ये जानेंगे की आकिर Sitemap कितने प्रकार के होते हैं . वैसे देखा जाये तो ये मुख्यत दो प्रकार के ही होते हैं .
  • HTML Sitemap (Hypertext Markup Language)
  • XML Sitemap (Extensible Markup Language)
अब XML Sitemap के भी दो भाग हैं
  • Index Sitemap (कितने URL Sitemap हैं किसी website में )
  • URL Sitemap (Webpage पर URL की अंतिम जानकारी प्रदान करती है )
URL Sitemap के भी तीन भाग हैं
  • Sitemap for Webpages (इसे Community में XML Sitemap भी कहते है )
  • Image Sitemap (Website में उन images के URL और उनके details )
  • Video Sitemap (Website में उन Videos के details )

What is an HTML Sitemap?

जैसे की पहले बताया गया है ये एक ऐसा map है जो की Website की सारी जानकारी रखते है उसके साथ साथ उसका location भी रखते हैं. इनकी मदद से हम user कोई भी जरुरत की चीजें बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. एक उदाहरन के तोर पे अगर समझा जाये तब हम ये सोच सकते हैं की एक website में हजारों की संख्या में webpages होती है और एक user के पक्ष में किसी चीज़ को खोज पाना काफी मुस्किल भरा काम है पर sitemap की मदद से वो काम आसान बन जाता है.

What are XML Sitemaps?

XML basically एक भाषा की तरह है जो की information store करती है किसी object की किसी pre defined फॉर्मेट में. इस फॉर्मेट को हमरे पक्ष में समझ पाना नामुमकिन है पर इसे Search Engines बड़ी आसानी से समझ जाती है. तो हम ये कह सकते हैं की XML sitemaps को मुख्यत search engine के लिए design किया गया है ताकि ये किसी website की Internal और external resources की जानकारी Search Engines को दे सकें.

Video Sitemaps

हम Videos की Sitemap बना सकते हैं. इसके लिए हम एक नयी और separate file बना सकते हैं या किसी existing sitemap में Video Information दे सकते हैं. Information add करने से उनकी visibility Rich Snippet में बढ़ जाती है. याद रहे की गूगल केवल इन्ही video Format को crawl कर सकता है जैसे wmv, mp4, mpeg, mpg, m4v, asf, flv, swf, avi, ra and ram.

Image Sitemaps

Image Sitemap काफी ही जरुरी है अगर आप चाहते हैं की आपकी इमेज Google Image Search results में show up हो. जैसे की Video Sitemap में हम images की information उसी existing Sitemap में add कर सकते हैं .

Sitemap कैसे बनाये

जो सबसे बड़ा फ़ायदा XML Sitemap का इस्तमाल करने का है वो ये है की हम Metadata का inclusion है. जिससे ये फ़ायदा होता है की हम सभी page के content में additional information दे सकते हैं. एक XML Sitemap को इस प्रकार बनाया जाता है.
Step 1: सबसे पहले एक Text File बनाये , फिर उसका नाम ‘Sitemap’ दें और उसे .xml के फॉर्मेट में save करें.
Step 2: उसके बाद हमे Search Engine को ये सूचित करना है की कैसे Sitemap encode हुआ है जिसके लिए हमें निचे दिया गए Script का इस्तमाल करना पड़ेगा
1   <?xml version=”1.0″ encoding=”UTF-8″?>
2   <urlset xmlns=”http://www.sitemaps.org/schemas/sitemap/0.9″>
3   </urlset>
Step 3: उसके बाद वाले step में हम सारे relevant URLs को add कर देते हैं. ऐसा हम urlset tag को बंद करने के पहले करते हैं . निचे आप URL entry को करने के steps देख सकते हैं.
1   <url>
2   <loc>http://www.website.com/</loc>
3   <lastmod>2012-12-12</lastmod>
4   <changefreq>daily</changefreq>
5   <priority>1</priority>
6   </url>
यहाँ  loc-tag को page link करने के लिए इस्तमाल किया जाता है. यहाँ आप अपने URL इन tags के बिच डाल सकते हैं . lastmod  ये दर्शाता है की आपने कब last में page को modify किया था. Change-freq का मतलब है की आपने कितनी बार उस page को बदला, frequency of change ( is (hourly, daily, weekly, monthly, yearly…). आपको archived URL के लिए ‘never’ इस्तमाल करना है .
आप अपने pages को उनके priority के अनुशार categorize कर सकते हैं priority-tag का इस्तमाल कर . Priority values की range होती है 0.0 से 1.0 (1.0 सबसे ज्यादा important है ). By default page की priority होती है 0.5. सभी pages को ज्यादा priority देने से भी इससे रैंक नहीं बढेगा क्योंकि ये सारी relative होती है . यहाँ loc tag compulsory है , लेकिन lastmod, changefreq and priority tags optional हैं .
Step 4: अब की जब आपने SiteMap को बना लिया है इसलिए अब समय आ गया है की इसे अपने Site में upload करें. इसे Root Directory में ही add करनी चाहिए. जब आप Sitemap बना रहे हैं तब आपको कुछ चीज़ों का ख़ास ध्यान रखना चाहिए :
  • सारे URLs एक sitemap के सामान host से आने चाहिए .
  • किसी भी URL का maximum length 2,048 characters होना चाहिए.
  • एक sitemap में maximum 50,000 URLs तक रख सकते हैं .
  • किसी Sitemap का maximum file size 50 MB होता है .
अगर आपका Sitemap काफी बड़ा है, तब आप उसे split या बाँट सकते हैं multiple Sitemap में , जिसके लिए आपको Sitemap Index file add करना पड़ेगा. ये normal sitemap के जैसे ही है लेकिन यहाँ कुछ tags का नाम अलग अलग है. आप निचे उदहारण देख सकते हैं :
1   <?xml version=”1.0″ encoding=”UTF-8″?>
2   <sitemapindex xmlns=”http://www.sitemaps.org/schemas/sitemap/0.9″>
3   <sitemap>
4   <loc>http://www.website.com/sitemap1.xml</loc>
5   </sitemap>
6   <sitemap>
7   <loc>http://www.website.com/sitemap2.xml</loc>
8   </sitemap>
9   </sitemapindex>
यहाँ Sitemap Index file via the <loc> tag से दो sitemap को link कर रही है . Theoretically, हम सोचें तो एक Sitemap Index file लगभग 50,000 Sitemaps को link कर सकती है .

Sitemap को validate कैसे करें

सभी को पता है की ये कितना ही आसान है की error को ढूंड सकें अपने कोड से , उसी कारन ये एक अच्छा तरीका है की हम अपने sitemap को submit करने से पहले Validate करें ताकि वो error free हो. वैसे तो internet में बहुत सारे फ्री tools उपलब्ध हैं validity check करने के लिए. लेकिन हम XML Sitemaps को test करने के लिए Google Webmaster Tools का इस्तमाल करते हैं. जिसके लिए आपको add/test Sitemap Button को Click करना पड़ेगा जो की Optimization>Sitemap के निचे होता है, जिसकी मदद से हम Sitemap को submit करने से पहले भी check कर सकते हैं.

Informing Search Engines

अब जब की आप ने Sitemap बना भी लिया है और validate भी कर लिया है अब वक़्त है की Search Engines को इसके बारे में बताने का. Inform करने के लिए आपको Google और Bing को आपके Sitemap का location देना पड़ेगा.  Google के लिए आपको अपने account में Log In होना होगा फिर आपको Optimization > Sitemaps , जिसके right side में ‘add sitemap’  का button होगा . जहाँ पर आपको Sitemap का URL paste करना पड़ेगा और काम खत्म.  Bing के लिए आपको Bing Webmaster Tools का इस्तमाल करना पड़ेगा Sitemap को submit करने के लिए और वहीँ sitemap का location भी डालना पड़ेगा.
Alternatively आप अपने URL को robot.txt file में भी include कर सकते हैं. जिसके लिए आपको एक extra लाइन लिखने की जरुरत है.
अगर आपके पास Sitemap Index file मेह्जुद है तब आपको extra लाइन डालने की जरुरत नहीं है.

Conclusion

मुझे लगता है अब तक आपको ये अच्छी तरह से समझ आ गया होगा की Sitemap कितना जरुरी है, अगर आपको चाहिए की आपके website की कोई भी page miss न हो तब आपको ये ख्याल रखना होगा की वो Crawlers कोई भी page miss न करें. आप additional Metadata भी add कर सकते हैं जैसे की Change Frequency और Priority. इसका साथ आप Video और image के लिए भी Sitemap बना सकते हैं . और एक बार आपने Sitemap बना लिया तो उसे validate करना और Search Engines को notify करना न भूलें.

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को Sitemap क्या है (What is Sitemap in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को Sitemap के बारे में समझ आ गया होगा. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.
मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा. आपको यह लेख Sitemap क्या है और Sitemap कैसे बनाये कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.
“ मेरा देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है ”
आइये आप भी इस मुहीम में हमारा साथ दें और देश को बदलने में अपना योगदान दें.

Source -  Hindime.net

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