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होली कैसे मनाते है? होली का त्योहार कैसे मनायें!

होली के त्योहार को रंगो का त्योहार बोलते है। इस त्योहार को मनाते तो सब है लेकिन होली का त्योहार क्यों मनाया जाता (मनाते) है बहुत ही कम लोग जानते है। आज इस पोस्ट में हम होली के बारे में सभी जानकारी देंगे जैसे कि 2019 में होली कब है।
होली

यह त्योहार भारत के साथ-2 पूरे विश्व में बडे ही खुशियों से ंमनाया जाता है। इसलिए इसे खुशियों का त्योहार भी बोलते है।

What is होली क्या है -

होली का त्योहार वसंत के महीने में मनाया जाने वाला एक हिन्दू फेस्टिवल है। इसकी उत्पत्ति का कारण भारतीय उपमहाद्वीप को माना जाता है। यह मुख्य रूप से भारत और नेपाल में बडे ही हर्ष के साथ मनाया जाता है।

लेकिन इसकी महत्ता इतनी बढी की पूरा विश्व ही इस त्योहार को मनाने लगा। इसके पीछे कई साइंटफिक रीजन भी है।

भारत में तो इसे हर जाति के लोग मनाते है चाहे वह मुश्लिम हो या हिन्दू क्योंकि यहॉ का मजहब नहीं सिखाता कि आपस में बैर रखना।

होली का त्योहार क्यों मनाते है तथा इसे मनाने के पीछे कारण क्या है -


होली का त्योहार होलिका महारानी की जलने के खुशी में मनाया जाता है। इसी दिन भक्त प्रहलाद ने होलिका का दहन कर दिया था और बुराई पर विजय प्राप्त कर ली थी।

यह त्योहार फाल्गुन माह में मार्च के महीने में मनाया जाता है। इस दिन पूर्णिमा होती है इसलिए इसे बहुत ही शुभ दिन माना जाता है।

इनके पीछे कई कहानियां प्रचलित है जिसमें से होलिका तथा प्रहलाद की कहानी सबसे ज्यादा पॉपुलर है।

होली की कहानी या कथा -होली का इतिहास तथा महत्व :


दरअसल पुराने जमाने में हिरणाकश्यप नाम का एक प्रतापी राजा हुआ करता था। वह भगवान की भक्ति में हमेशा लीन रहता था और वह असुर योनि में जन्म लिया था। एक दिन भगवान उससे वरदान मांगने को बोलते है तो वह कभी न मरने वाला वरदान मांगता है लेकिन भगवान उसे अमर करने से मना करते है।
तब वह मांगता है कि न उसकी मौत आदमी के हाथ हो न ही जानवर के, न दिन में मरे न ही रात को, न ही घर के अंदर मौत हो न ही घर के बाहर, न ही आकाश में मरे और न ही धरती में।


भगवान उसे यह वरदान दे देते है तो उसके अंदर एक घमंड आ जाता है और वह खुद को ही भगवान मानते लगता है और सभी पर अत्याचार करने लगता है।

एक दिन विष्णू भगवान उसके भाई का वध कर देते है जिससे वह उन्हें अपना दुश्मन मान लेता है और उनके खुद का बेटा पहलाद विष्णू भगवान का भक्त होता है। जिसे हिराण्याकश्यप धमकाने की बहुत कोशिश करता है ताकि वह विष्णू की उपासना करना बंद कर दे लेकिन पहलाद नहीं मानता है। 

उसको कई दंड दिए जाते है लेकिन वह नहीं मानता। अंत में उसे होलिका के साथ चिता में जलाया जाता है क्योंकि होलिका को एक जादुई साल मिलता है जिसे ओढकर वह आग से आसानी से बच जाती थी क्योंकि आग की लपटे साल के अंदर नहीं जा पाती थी।

 होलिका अपनी गोदी में बैठाकर आग में बैठ जाती है। इस मुश्किल घडी मे भी प्रहलाद नहीं डरते है और भगवान का जाप करते है जिससे अचानक चमत्कार होता है और वह साल उडकर प्रहलाद के चिपक जाता है और होलिका का दहन हो जाता है।

अब आपका सवाल होगा कि होलिका कौन थी? होलिका के पति का नाम क्या है? इसका जवाब है वह हिरण्याकश्यप की सगी बहन थी। उसके पति का नाम इलोजी है। उस समय उनकी यह प्रेम कहानी बहुत फेमस थी लेकिन इसकी सच्चाई चाहे जो हो।

यह फेस्टिवल आपसी भाईचारे का प्रतीक है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत दर्शाता है और हमें कठिनाइयों में लडने की सीख देता है। इसका इतिहास बहुत ही महत्वपूर्ण है।

होली कब मनायी जाती है तथा 2019 में होली कब है -


होली का दिन वसंत के मौसम में फाल्गुन में आती है और तारीख की बात करे तो यह 20 तथा 21 मार्च को पूरे देश में मनाई जाती है।

इस दिन को मनाने के लिए लोग तरह तरह के पकवान बनाते है तथा बाजारो से मिठाई, रंगोली, अबीर, रंग तथा पिचकारियां खरीदते है।

होली कैसे मनाते है लेकिन होली कैसे मनाएं -

होली के दिन लोंगो तथा सम्बन्धियो के रंग तथा गुलाल लगाकर प्यार का इजहार किया जाता है। और इस तरह से होली की बधाई तथा शुभकामनाएं देकर एक दूसरे के गले मिलते है।

इस दिन सभी घरों की सफाई तथा पुताई पहले से कर ली जाती है ताकि घर साफ दिखे। इस मौके पर कई लोग अपनो का नुकसान भी कर देते है।

इससे बचने के लिए कच्चे रंगो का इस्तेमाल करें क्योंकि बाजार में ज्यादातर रंग केमिकल युक्त ही आते है जिससे शरीर की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए होली का त्योहार मनाते समय कुछ सावधानियां भी बरतनी है। जैसे कि पानी ज्यादा बरबाद न करे ताकि अमूल्य जल बच सके।

दूसरा होली का रंग जब भी किसी को लगायें तो इस बात का जरूर ध्यान दे कि उसे कोई नुकसान न पहुंचे नहीं तो इसी खुशी के त्योहार का क्या मतलब।

अंत में सभी पाठको को प्रदीप की तरफ से हैप्पी होली टू ऑल फैमली। अब आपको पता ही चल गया होगा कि होली कैसे मनाते है तथा इसका इतिहास क्या है? इसकी सहायता से आप होली का विचार तथा निबन्ध भी लिख सकते है यदि आप एक छात्र है।

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