ओल्गा लैडिज़ेनस्काया का जीवन परिचय - Olga Ladyzhenskaya Biography In Hindi

ओल्गा लैडिज़ेनस्काया (Olga Ladyzhenskaya) का जीवन हमेशा संघर्ष से भरा रहा है। यह रूस के महान गणितज्ञ है। इन्होंने कठिनाईयों का सामना भली भांत करते हुए पूरे विश्व को गणित का ज्ञान दिया। आज इनकी 97 वी जन्मदिवस है। ऐसे में गूगल ने खासकर इनके लिए एक डूडल बनाया है और इसके माध्यम से उन्हें सम्मानित किया है।

ओल्गा लैडिज़ेनस्काया का जीवन परिचय - Olga Ladyzhenskaya Biography In Hindi

जब आज इनका जन्मदिन है तो क्यों न आज हम ओल्गा लैडिज़ेनस्काया का जीवन वृतांत जान ले ताकि हमें इनके जीवन से कुछ तो सीख मिल सके। इसलिए आज हम इनके बारे में सारी बाते बतायेंगे जिससे आपका मोटीवेशन बढ सके और आप भी जान सके की मानव के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

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महान रशियन गणितज्ञ ओल्गा लैडिज़ेनस्काया का जीवन परिचय - Olga Ladyzhenskaya In Hindi

ओल्गा लैडिज़ेनस्काया का जन्म 7 मार्च 1922  में रूस देश के कोलग्रिव सिटी में हुआ था। इनकी माता का नाम anna mikhailovna था। इनके पिता alesandr lvanovich ladyzhenski  गणित के एक कुशल शिक्षक थे। हालांकि बाद में इनके पिता को देशद्रोही करार करके जेल में ही मार दिया गया था क्योंकि इन पर इल्जाम था कि वे दुश्मनो के साथ मिले हुए है।

ऐसे में ओल्गा लैडिज़ेनस्काया बचपन में अनाथ हो गये थे और वह अपनी माता के साथ जूते तथा साबुन बेचते थे। पिता की मौत के बाद सारा कार्यभार इनके कंधो पर ही आ गया था। इस समय वे मात्र पंद्रह साल के थे।

जब यह आठ वर्ष के थे तभी से इनकी गणित में रूचि हो गयी थी। इसी उम्र में इनके पिता ने ज्यामिती पढा दी थी इसलिए इन्हें गणित का काफी knowledge हो गया था। यह एक महिला थी।

इन्होने माध्यमिक तक की पढाई खूब मना लगाकर की। इस समय इनको कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन किसी तरह से इन्होंने  स्तानक मे दाखिला लिया और अव्वल निकले। लेकिन फिर भी स्टेट यूनिवर्सिटी में इन्हें एडमीशन नहीं दिया जा रहा था क्योंकि इनके पिता पर देश के दुश्मन होने का दोष लगा था।

इसी बीच ये गणित के बिद्यार्थियों को पढाने लगी। इनकी योग्यता को देखते हुए कुछ साल बाद मास्को स्टेट यूनिवर्सिटी ने इन्हें खुद एडमीशन के लिए आमंत्रित किया जहां से इन्होंने पीएचडी की डिग्री ली। और यहां पर ही इन्होंने गणित - भौतकी की प्रयोगशाला बनायी जिसका नाम स्टेक्लोव गणित संस्थान रखा गया। इस कॉलेज में पढाई का मौका फेमस गणितज्ञ इवान पेट्रोवस्की ने दिया था।

यह पहले सोवियत संघ में रहती थी लेकिन बाद में ज्यादा आर्थिक दबाव की वजह से रूस चली गयी और यहां सन 1959 में  सेंट पीटर्स गणित सोसाइटी का सदस्य बनाया गया और बाद में यानी 1990 में इनकी योग्यता को देखते हुए अध्यक्ष बना दिया गया। इनको नवियर-स्टोक्स समीकरणों की तरल गतिकी, हिल्बर्ट की उन्नीसवीं समस्या, आंशिक अवकल समीकरण की खोज के लिए जाना जाता है।

इन्होंने आंशिक अवकल समीकरण और द्रव गतिविज्ञान में कई खोजे की और अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। 2002 में इन्हें गणित पर योगदान के लिए रूस ऑफ साइंस ने लोमोनोसोव गोल्ड मेडल से नवाजा। बाद मे इन्हें कई पुरूष्कार दिये गये जिनका नाम क्रमश: fields medal class roth, rene thome है।

12 जनवरी 2004 को रूस के सेंटपीटर्सबर्ग मे इनकी मृत्यु हो गयी थी।
गूगल डूडल ने भी इनके सम्मान के लिए इनकी फोटो के साथ अवकल समीकरण भी बना दिया है ताकि सभी पता लग सके कि उनका योगदान किस चीज में ज्यादा है।

आर्थिक परिस्थियों से जूझते हुए भी जो गणित में योगदान दिया उसे कोई नहीं भूल सकता। देशद्रोही का इल्जाम होते हुए भी ओल्गा लैडिज़ेनस्काया ने गणित के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह सराहनीय है।


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